क्या हनुमान जी सच में विवाहित हैं??

नमस्कार!
   स्वागत है आप सभी का, आपके अपने ब्लॉग "स्वयं के विचार, स्वयं का साथ" में।  आज हम चर्चा करने वाले है कि क्या सच में हनुमान जी विवाहित हैं?, क्या सच में उन्होंने विवाह किया है? और अगर किया है तो किसके साथ? आखिर कौन है उनकी पत्नी?? आज हम इन सभी प्रश्नों पर चर्चा करने वाले है, तो चलिए बिना देर करते हुए, शुरू करते हैं, आज का ब्लॉग..।


जी हां! ये सच है कि हनुमान जी का विवाह हुआ था। उनको विवाह करना पड़ा था। और विवाहित होने के बाद भी उनका ब्रह्मचर्य धर्म कभी नहीं टूटा। 

         हमारे पौराणिक ग्रथों में मिलती हुई पराशर कथा(संहिता ) के अनुसार कहें तो, हनुमान जी ने सूर्य देव को अपना गुरु बनाया और उनसे 9 विद्याएं प्राप्त करने का निश्चय किया। अब सूर्य देवता ने उन्हें 9 में से 5 विद्याएं तो सिखा दी, पर बची 4 विद्याओं को सिखाने से मना कर दिया। तब हनुमान जी ने उनसे इसका कारण पूछा क्योंकि वो तो 9 विद्याएं सीखने का निश्चय कर चुके थे तो सूर्य देव ने कहा की बाकी बची हुई 4 विद्याएं सीखने की शर्त है विवाहित होना। हनुमान जी बोले, ऐसा कैसे हो सकता है मैं तो ब्रह्मचर्य धारण किए हुए हूं। फिर जब सूर्य देव ने कहा की तुम किसी ऐसी तपस्वी स्त्री से विवाह करो जो अपनी तपस्या में लीन रहे, और तुम्हारा ब्रह्मचर्य भी न टूटे। हनुमान जी गुरु की आज्ञा से विवाह के लिए तो मान गए, लेकिन अब कन्या कहां खोजी जाए, भाई! कहां मिलेंगी बजरंगी के लिए ऐसी कन्या, अब प्रश्न यहां पर आकर रुक गया।

 तब सूर्य देव ने अपनी परम तेजस्वी पुत्री सुवर्चला से हनुमान जी को शादी करने का प्रस्ताव दिया। जिसके बाद हनुमान जी और सुवर्चला का विवाह संपन्न हुआ। सुवर्चला परम तपस्वी थी। विवाह के पश्चात सुवर्चला सदा के लिए तपस्या में लीन हो गई तो वहीं हनुमान जी भी अपनी बाकी चार विद्याओं के ज्ञान पर को प्राप्त करने में लग गए। इस प्रकार विवाहित होने के बाद भी हनुमान जी का ब्रह्मचर्य व्रत नहीं टूटा।


आज भी तेलंगाना के खम्मम जिले में हनुमान जी का मंदिर बना हुआ है जहां हनुमान जी गृहस्थ रूप में अपनी पत्नी सुवर्चला के साथ विराजमान हैं।यह विश्व का इकलौता ऐसा मंदिर है जहां हनुमान जी अपनी पत्नी के साथ पूजे जाते हैं। मान्यता है कि यहां दर्शन करने से वैवाहिक जीवन में आने वाली सभी समस्याओं का समाधान हो जाता है और दांपत्य जीवन सुखमय बनता है।

 










स्त्रोत - अमर उजाला
फोटो - इंटरनेट

Comments

Popular posts from this blog

बुन्देलखण्ड की बुढ़की ( मकर संक्रांति)

The Ancient Blueprint for a Perfect Society

"शांता : श्री राम की बहन"